How long does it take to read Idgah?
Idgah by Munshi Premchand takes about 2 hours 47 minutes to read at 250 words a minute.
About 2 hours 47 minutes
An evening's read
First published 1982. 152 pages, about 41,800 words.
6 days at 30 minutes a day
Estimate based on 275 words per page.
At other speeds
| Slow, 150 words a minute | 4 hours 39 minutes |
| Average, 250 words a minute | 2 hours 47 minutes |
| Fast, 400 words a minute | 1 hour 45 minutes |
The page count is the median across 5 editions, so your copy may differ. How we calculate.
About the book
रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद ईद आई है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभात है। वृक्षों पर कुछ अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, मानो संसार को ईद की बधाई दे रहा है। गाँव में कितनी हलचल है। ईदगाह जाने की तैयारियाँ हो रही हैं। किसी के कुरते में बटन नहीं हैं, पड़ोस के घर से सुई-तागा लेने दौड़ा जा रहा है। किसी के जूते कड़े हो गए हैं, उनमें तेल डालने के लिए तेली के घर भागा जाता है। जल्दी-जल्दी बैलों को सानी-पानी दे दें। ईदगाह से लौटते-लौटते दोपहर हो जाएगी। तीन कोस का पैदल रास्ता, फिर सैकड़ों आदमियों से मिलना-भेंटना। दोपहर के पहले लौटना असंभव है। लड़के सबसे ज्यादा प्रसन्न हैं। किसी ने एक रोज़ा रखा है, वह भी दोपहर तक, क