How long does it take to read हिन्दू राष्ट्र?
हिन्दुओं की रामकहानी
Anand Ranganathan
हिन्दू राष्ट्र by Anand Ranganathan takes about 3 hours 5 minutes to read at 250 words a minute.
About 3 hours 5 minutes
A weekend read
First published 2023. 168 pages, about 46,200 words.
7 days at 30 minutes a day
Estimate based on 275 words per page.
At other speeds
| Slow, 150 words a minute | 5 hours 8 minutes |
| Average, 250 words a minute | 3 hours 5 minutes |
| Fast, 400 words a minute | 1 hour 56 minutes |
The page count is the median across 2 editions, so your copy may differ. How we calculate.
About the book
जो यह दावा करते हैं कि हम एक अधिनायकवादी हिंदू राष्ट्र में रह रहे हैं उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि यह किस प्रकार का हिंदू राष्ट्र है जहां एक अरब शक्तिशाली हिंदू यहाँ की संसद, अदालतों, शिक्षा व्यवस्था और हमारे संविधान द्वारा न सिर्फ दोयम दर्जे के नागरिक करार दिए गए हैं बल्कि उससे भी नीचे धकेल दिए गए? यह कैसा हिंदू राष्ट्र है जिसमें दुर्गा पूजा और गरबा के आयोजनों पर बेरोकटोक पत्थरबाजी की जाती है और प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठा एक शख्स कहता है कि इस देश के संसाधनों पर पहला हक अल्पसंख्यकों का है? यह कैसा हिंदू राष्ट्र है जहाँ हिंदुओं को अपनी ही धरती पर शरणार्थियों की तरह रहना पड़ता है और जहाँ कोई 40 हजार रोहिंग्या मुसलमानों को तो बसा सकता है लेकिन इसी देश के धरतीपुत्र 7 लाख कश्मीरी पंडितों को नहीं और जहाँ अदालतों का कहना हैं कि हिंदुओं की हत्या, बलात्कार और जातीय संहार करने वालों पर मुकदमा चलाने के लिए अब बहुत देर हो चुकी है? यह किस तरह का हिंदू राष्ट्र है जहाँ हिंदुओं के मंदिर सरकारों के कब्जे में हैं और अपने त्यौहार मनाने के लिए हिंदुओं को वक्फ बोर्ड के सामने जमीन के लिए हाथ फैलाने पड़ते हैं? यह किस तरह का हिंदू राष्ट्र है जहाँ शिक्षा का अधिकार अधिनियम में केवल हिंदुओं के स्कूलों के साथ भेदभाव किया जाता है और उन्हें ताला लगाने को मजबूर कर दिया जाता है? यह किस तरह का हिंदू राष्ट्र है जहां औरंगज़ेब और टीपू जैसे बर्बर शासकों को लेकर सरकारी खर्चे पर प्रकाशन किए जाते हैं, सड़कों के नाम रखे जाते हैं और त्योहारों का आयोजन होता है? यह किस तरह का हिंदू राष्ट्र है जहाँ एक ऐसा कानून बिल्कुल बन ही जाने ही वाला था जिसमें केवल हिंदुओं को, जबकि वे अल्पसंख्यक थे, सांप्रदायिक दंगों के लिए दोषी ठहराया जाता जैसा कि कश्मीर में देखा गया? यह किस तरह का हिंदू राष्ट्र है जहाँ सबरीमाला प्रकरण में अदालतों के फैसले और विधायी कानून केवल हिंदुओं के धर्माचारों में सुधार के लिए किए जाएँ लेकिन दूसरे धर्म को छुआ तक न जाए और अगर ऐसा कोई करे भी, तो वहाँ शाहबानो के मामले की तरह फैसले को पलट दिया जाए? यह किस तरह का हिंदू राष्ट्र है जहाँ हिंदू पूजा स्थल अधिनियम आज भी हिंदुओं को उनके प्रति हुए ऐतिहासिक अन्यायों को दुरुस्त करने के उनके विधिसम्मत अधिकार पर रोक लगता है जबकि वक्फ एक्ट मुसलमानों को एक 1500…